छत्तीसगढ़ में मलेरिया का बढ़ता खतरा : कोरबा में दो छात्राओं की मौत, 11 से अधिक छात्र संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, कोरबा और बिलासपुर में जांच अभियान तेज; बस्तर संभाग में अब तक 8,426 मरीज

कोरबा। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच मलेरिया का खतरा बढ़ने लगा है। कोरबा जिले में मलेरिया की चपेट में आने से दो छात्राओं की मौत हो गई है। वहीं 11 से अधिक छात्र मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।

छात्रावासों में फैला संक्रमण

जानकारी के अनुसार, मर्दापोटी और इरादाह स्थित छात्रावासों के छात्र मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों छात्रावासों में विशेष शिविर लगाकर छात्रों की स्वास्थ्य जांच, मलेरिया परीक्षण और दवाओं का वितरण शुरू कर दिया है। संक्रमित छात्रों का उपचार भी जारी है।

बिलासपुर में भी मिले मलेरिया के मरीज

कोरबा के अलावा बिलासपुर जिले के औरापानी और नवाडीह गांव में भी चार बच्चों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। सभी बच्चों को बेहतर उपचार के लिए सिम्स अस्पताल, बिलासपुर रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चला रहा है, जबकि कलेक्टर ने भी स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

72 गांव पहले से मलेरिया प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोटा विकासखंड के 72 गांव पहले से ही मलेरिया प्रभावित घोषित हैं। हर वर्ष बारिश के मौसम में इन क्षेत्रों में मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज की जाती है। विभाग ने लोगों से बुखार आने पर तुरंत जांच कराने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।

बस्तर संभाग में 8,426 मरीज

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक बस्तर संभाग में 8,426 मलेरिया मरीज सामने आए हैं। इनमें 254 मिक्स मलेरिया के मामले भी शामिल हैं। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मलेरिया से बचाव के सभी उपाय अपनाने की अपील की है।

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